उत्पत्ति

पिछले एक दशक में भारत में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सतत वृद्धि को बनाए रखने के लिए, बाजार में पेशेवर व योग्य कर्मचारियों की एक मजबूत श्रृंखला की आवश्यकता होगी।

इस आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, नागर विमानन मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव रखा है जो विमानन उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधनों का विकास करने के लिए विमानन अध्ययन और शोध को प्रोत्‍साहन और सुविधा प्रदान करेगा। कैबिनेट ने संसद के अधिनियम के तहत केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में नागर विमानन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत "राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय" स्थापित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। इन्दि‍रा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी के साथ उपलब्ध 26.35 एकड़ जमीन की पहचान की गई थी, जो कि स्थापना के पहले चरण (2013-2019) में एनएयू की स्थापना के लिए थी। ईएफसी (व्यय वित्त समिति) और कैबिनेट की मंजूरी के बाद, एक विधेयक संसद में पेश किया गया था और आखिरकार 19 सितंबर 2013 को यह अधिनियम लागू हुआ।

THE RGNAU Act

THE RGNAU First Statutes, 2016

THE RGNAU Notification